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रविवार, 2 जनवरी 2011

नई सदी का नया सवेरा

नया वर्ष,नया उत्साह,नया हर्ष,नई उम्मीदें,आशा की नई किरण....जो कल था वो आज नहीं रहा,और जो आज समय है वो कल नहीं रहेगा...वक़्त तो अपनी रफ़्तार से दौड़ता ही रहता है....लेकिन जो वक़्त कि रफ़्तार के साथ कदम मिला के चला,वही तो बनता है सिकंदर...
पुराना साल,हर साल की तरह कुछ खट्टी मीठी यादें छोड़ गया...कुछ अनसुलझे सवाल,गुत्थियाँ भी...जिनको हम आगे आने वाले समय में विचार कर सकें,और सही डगर पर चल सकें.....इस साल की शुरुआत के साथ एक ख़ुशी और...की इक्कीसवीं सदी का दूसरा दशक की शुरुवात भी हो गई.....जैसा पहला दशक निकला समाज में कुछ विसंगतियों के साथ,कुछ नए अनुभवों के साथ गुजरा....इस दशक की एक अनसुलझी गुत्थी आरुशी हत्याकांड...जिसमे सी.बी.आई. ने भी हाथ खड़े कर दिए...इसे अपराधी की शातिरता कहें या सी.बी.आई. की नाकामी...खैर...एक उम्मीद कि ये नया दशक भी कुछ उसी तरह या उससे बेहतर साबित हो.....
मुझे याद है कि जिस समय इक्कीसवीं सदी के पहले दशक कि शुरुआत होने वाली थी,उस समय मै कक्षा सात में पढने वाला गाँव का एक भोला सा आम लड़का था...जिसकी न एक अलग सोच थी...न विचार...हाँ...नए साल से एक उम्मीद जरूर थी...कि शायद दुनिया ख़त्म नहीं होगी...क्यों कि उस समय भी ये अफवाह जोरों से चल रही थी कि १ जनवरी २००० को दुनिया ख़त्म हो जायेगी....लेकिन तर्क किसी के पास नहीं था......लेकिन समय गया...गुजरा ...दुनिया आज भी कायम है....समय आज भी अपनी गति से चलायमान है....लेकिन अब २०१२ का भी दर लोगों के ज़ेहन में है.....लेकिन हम भारतीय भी आशावादी है....हम जीतेगे....क्यों कि हम सबमे परिस्थितियों से जूझने का जज्बा है...एक दशक के बाद आज मै एक ऐसे समाज का हिस्सा बन गया हूँ...जिसे अपने अलावा समाज के हर वर्ग के बारे विचार करना पड़ता है...अपने आप में एक सुखद एहसास...हर हिन्दुस्तानी की तरह मुझे भी नए साल से ढेरों उम्मीदें है....
१-क्रिकेट का वर्ल्ड कप इस बार भारत में आएगा.
२-भारत विश्व की एक महाशक्ति के रूप में उभरेगा.
३-संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्यता मिल जायेगी.
४-युवाशक्ति अपने होने का एहसास राजनीति में जरूर कराएगी.
५-साहित्य लेखन बढेगा.
६-पत्रकारिता के वेद व्यासों,और नारदों को सद्बुद्धि आएगी.
७-हर गरीब को रोजगार मिलेगा
8-हर बच्चे को पढने का अधिकार मिलेगा.
9-चिकित्सा के क्षेत्र में विकास होगा.
१०-हम आर्थिक रूप से भी मजबूत होंगे.
इन्ही अपेक्षाओं और उम्मीदों के साथ हम होंगे कामयाब की भावना के साथ सभी लोगों को
नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं'

1 टिप्पणी:

  1. कृष्णा जी आपकी उम्मीदों को सलाम....क्यूंकि एक छोटी सी उम्मीद ही बुलंद हौसले की बुनियाद होती है....

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