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मंगलवार, 6 सितंबर 2011

शिक्षक दिवस पर नाराज़ डैडी

शिक्षक दिवस पर डैडी नाराज़ हैं. लेकिन क्यूँ ? सुनिए आँखों देखा ये हाल
चारो तरफ बड़ी- बड़ी होर्डिंग लगी हैं . सभी  होर्डिंग  में  इंजीनिअर  , डॉक्टर  , ias, pcs और न जाने क्या-क्या बनाने  के दावे लिखे हैं. साइड में १००% सफलता गारंटी  की मुहर  भी लगी है. मेरे ऑफिस के बगल में भी इसी तरह की एक जगह हैं. कल  जब  गली में घुसा तो सामने होर्डिंग दिखी. उस  पर दैत्याकार शब्दों में कोचिंग संसथान का नाम लिखा हैं. चौधरी क्लासेज़. थोडा ध्यान से देखने लगा कुछ गुरुओं के नाम भी होर्डिंग में दिखे. जैसे गणित  के ज्ञाता श्रीमान चौधरी जी, फ्ज़िक्स के ज्ञाता श्री वर्मा जी, आदि. आम तौर पर यह नज़ारा अब छोटे शहरो के साथ  राजधानी के हर ख़ास-आम जगह पर दीखता है. गली , कूचो के साथ  दीवाल, घर, ऑफिस  सब जगह ऐसे विज्ञापनों की पहुँच हैं. कभी  सेक्स रोग का इलाज करने वाले वैद्य  साहब  के विज्ञापन  भी इसी तरह की पंहुच रखते थे . अब इनकी जगह ये कोचिंग संसथान के विज्ञापन ले रहे हैं.  तो आगे की बात यह की 5 सितम्बर  को शिक्षक  दिवस था . शिक्षक को शुभकामना  देने  वाले  सन्देश   छात्रों  ने अपने   प्रयास  से कोचिंग  के मुख्य   द्वार  पर टांग  दिए ... और शाम  5 बजे  गाना  शुरू  हुआ...  डैडी  हैं नाराज  लेकिन  पार्टी  अभी  बाकी  है .... सिगरेट के छल्ले  और  जबरदस्त  डांस . करीब  चार  घंटे  तक  कनफोड़वा   साउंड बजता  रहा . छात्र गुरु जी के सम्मान  में  थिरकते  रहे. सब  ने कहा युवा  पीढी  है, वो  भी  आज की. शीला  के आगे सर्वपल्ली  जी का  ज्ञान  बेकार  है. छात्र इस बात को अपने हो हल्ले  से सार्थक  सिद्ध  कर रहे   थे . उसी  बीच  किसी  छात्र  ने कहा  गुरु जी दबंग है, इसीलिए  यह  सब  हो  रहा है नही  तो आज भी श्लोक ही  पढ़ते. खड़े  अधिकांश  छात्रों  ने अपनी  हंसी  से  इस बात  को  समर्थन  दे दिया . गुरु जी दबंग  न  होते  तो कोई  उन्हें सम्मानित  भी  नही करता  , इधर  सबके पिता  जी इसलिए  नराज  है क्यूंकि  मोटी  फीस  गुरु  जी  ने ली  है    वो भी  इस  एहसान  के साथ  की  2 हज़ार  छोड़  दे  रहा  हूँ . आज  के   गुरु  की  यह  महिमा इतिहास  में भी  वर्णित  नही  है. एकदम नया  इतिहास,  इसी   इतिहास  के तर्ज़  पर  आगे  के शिक्षक  दिवस  की क्या  पृष्ठभूमि   होगी   ?              

2 टिप्‍पणियां:

  1. विवेक भाई ....अब लोगों का ध्यान शिक्षक दिवस और गांधी जयंति की बजाय वैलेंटाइन डे और फ्रेंडशिप डे पर ज्यादा रहता है.... शिक्षक दिवस और गांधी जयंति पर कोई मैसेज इधर से उधर हो न हो....लेकिन वैलेंटाईन डे और फ्रेंडशिप डे पर मैसेज की भरमार लग जाती है....ऐसे में डैडी की नजर अपने लाडले पर पड़ेगी तो नाराज तो होंगे ही....

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