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सोमवार, 18 अप्रैल 2011

                      
                        मेरा '' नेता '' चोर है.....


चोर है - चोर है 
मेरा '' नेता '' चोर है
मेरा चलता नही कोई जोर है
मेरा '' नेता '' चोर है
मेरी '' सोनिया '' बड़ी सयानी है
भारत की महारानी है
मेरा '' राहुल '' अभी बच्चा है
अक्ल का वो कच्चा है
मेरी '' सुषमा '' बड़ी नादान है
येदियुरप्पा से अन्जान है
संसद में '' शेर '' सुनाती है
काफिला किसने लूटा -सवाल उठाती है
मेरा '' मोहन '' बड़ा निराला है
अक्ल पर पड़ गया ताला है
संसद में वोट बिकता है
उसको कुछ नही दिखता है
मेरा '' राजा '' बड़ा खिलाड़ी है
उसका मौसेरा भाई '' कलमाड़ी '' है
दक्षिण में एक '' येदियुरप्पा '' है
वो तो सबका बप्पा है
अध्यक्ष की अनसुनी कर देता है
इस्तीफा नहीं देता है 
अब तो ये स्पष्ट है
सौ में निन्यानबे भ्रष्ट है
गली - गली में शोर है
मेरा " नेता " चोर है..........



                       
' सुषमा जी '
'' येदियुरप्पा हटाओ ''....

मेरा '' नेता '' चोर है

  मेरा '' नेता '' चोर है
मेरा '' नेता '' चोर है




                    मेरी '' सोनिया '' बड़ी सयानी है
                           भारत की महारानी है


                     मेरा '' मोहन '' बड़ा निराला है
                      अक्ल पर पड़ गया ताला है

                          मेरा '' राहुल '' अभी बच्चा है
                              अक्ल का वो कच्चा है
                                   


2 टिप्‍पणियां:

  1. मिश्रा जी आज हम चोरों की फौज बनाकर..बन गए हैं..गुनाहगार.जिसका हमें ही अब निकाकरण निकालना होगा..।
    ये बात जो थी वो थी..लेकिन ये कविता आपकी पढ़कर वाकई में किसी को भी अंदर से सोचने पर मजबूर कर देगा..आगे
    आपसे निवेदन है कि जब भी आप ऐसा कुछ लिखेंगे मेरे मेल जरुर भेजें..kamlesh.pandey8@gmail.com

    उत्तर देंहटाएं
  2. chalo aacha hua tumne btta to diya ki kaun-kaun chor hai....lekin bache bhi to usi thali ke chtte batte hai dost unka kya kare...

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